जम्मू. बस स्टैंड पर गुरुवार सुबह ग्रेनेड से हमला किया गया। विस्फोट में एक की मौत हो गई, जबकि 28 लोग जख्मी हुए हैं। इनमें से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। चश्मदीद ने कहा, ‘‘जिस समय धमाका हुआ, मुझे लगा कोई टायर फट गया है। यह बहुत तेज धमाका था।’’
एसआरटीसी की बस पर हुआ हमला
आईजीपी एमके सिन्हा ने बताया कि ग्रेनेड बस के नीचे जाकर गिरा। यह ग्रेनेड हमला स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एसआरटीसी) की बस पर हुआ। बस पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। बस का ड्राइवर और कंडक्टर भी गंभीर जख्मी हुए हैं। मई 2018 के बाद से अब तक बस स्टैंड पर यह तीसरा ग्रेनेड हमला है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे
पुलिस के मुताबिक, हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हादसे के दौरान बस में ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे। यह जम्मू का प्रमुख और अतिव्यस्तम बस स्टैंड है। स्टैंड के पास एक बड़ी फल मंडी भी है।
'हर खुफिया जानकारी पर तुरंत एक्शन लेते हैं'
पुलवामा हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सीआईएसएफ डीजी राजेश रंजन ने कहा, 'हम हर कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हमें जब भी कोई खुफिया जानकारी मिलती है, तुरंत एक्शन लेते हैं।'
मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मारा
गुरुवार तड़के ही सर्च ऑपरेशन के दौरान हंदवाड़ा में सुरक्षाबल और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई थी। इसमें एक आतंकी को मार गिराया। हंदवाड़ा और कुपवाड़ा में इंटरनेट को बंद कर दी गई है। इससे पहले मंगलवार को भी सुरक्षाबलों की आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। जिसमें दो आतंकियों को मार गिराया था। यह दोनों हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन से जुड़े हुए थे।
नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंधित आतंकियों की लिस्ट से मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद का नाम हटाने से इनकार कर दिया है। भारत सरकार के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि जमात-उद-दावा (जेयूडी) के चीफ हाफिज ने यूएन से अपना नाम इस लिस्ट से हटाने की अपील की थी।
भारत ने मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की
यह फैसला उस वक्त आया है, जह संयुक्त राष्ट्र की सेंक्शन कमेटी से अपील की गई है कि जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाया जाए। पुलवामा हमले के बाद भारत समेत अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने यूएन से यह अपील की। जैश ने ही इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।
हाफिज लश्कर-ए-तैयबा का को-फाउंडर भी है। सूत्र ने बताया- यूएन ने उसे लिस्ट में बनाए रखने का फैसला तब लिया है, जब भारत ने उसकी गतिविधियों के संबंध में बेहद गोपनीय जानकारियां और साक्ष्य यूएन को मुहैया कराए हैं। इस फैसले की जानकारी हाफिज के वकील हैदर रसूल मिर्जा को इसी हफ्ते दे दी गई है।
जमात-उद-दावा भी यूएन की प्रतिबंधित संगठनों की लिस्ट में है। मुंबई हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा समिति ने 10 दिसंबर 2008 को हाफिज सईद पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस आतंकवादी हमले में 166 लोगों की जान गई थी।
अपने वकील मिर्जा के जरिए सईद ने 2017 में यूएन में प्रतिबंध हटाने की अपील की थी। इस दौरान हाफिज पाकिस्तान में नजरबंद था। इस अपील का भारत के अलावा यूएस, यूके और फ्रांस ने भी विरोध किया था। इन देशों में भी हाफिज को प्रतिबंधित किया गया है। हालांकि, पाकिस्तान ने इस पर किसी तरह का विरोध दर्ज नहीं कराया था।