आज दो बड़े बजट की, बड़े बैनर की और बड़े स्टार कास्ट की फिल्में एक दूसरे को टक्कर देेने के लिए बॉक्स ऑफिस पर उतरीं हैं। खास बात ये है कि एक बॉलीवुड की फिल्म है तो दूसरी साउथ के सिनेमा की। लेकिन दोनों ही फिल्मों में अपनी अपनी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकार हैं। आज शाहरूख, अनुष्का और कैटरीना की ज़ीरो(Zero) आ रही है तो वही दूसरी ओर साउथ के सुपरस्टार माने जाने वाले यश की केजीएफ(KGF) यानि कोलार गोल्ड फील्ड्स भी रिलीज़ हो चुकी है। हालांकि फिल्म को लेकर कुछ विवाद देखने को मिल रहा है लेकिन उम्मीद है कि सभी विवाद खत्म कर ये फिल्म बड़ा धमाका करेगी।
ज़ीरो की स्टार कास्ट ने पहले दिन से ही फिल्म के प्रमोशन को लेकर पूरी ताकत झोंक रखी है। लेकिन इसके बावजूद साउथ की केजीएफ शाहरूख की फिल्म जीरो को बड़ी चुनौती दे सकती है। ऐसा हम कह रहे हैं क्योकि प्री बुकिंग वेबसाइट BookMyShow.com पर 'Zero’ को ‘KGF’ के मुकाबले कम लाइक मिले हैं। शाहरुख खान, कैटरीना कैफ और अनुष्का शर्मा की फिल्म ज़ीरो को जहां 2,52,518 लाइक मिले हैं तो वही 'केजीएफ' को 3,01,753 लाइक मिल चुके हैं। इससे अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि ज़ीरो पर कन्नड़ फिल्म केजीएफ भारी पड़ सकती है।
खास बात ये है कि कन्नड़ फिल्म केजीएफ एक साथ पांच भाषाओं में रिलीज़ होने हुई है। कन्नड़ के साथ-साथ ये फिल्म तमिल, तेलुगू, मलयालम और हिंदी में रिलीज़ होगी। हिंदी में इस फिल्म के रिलीज़ होने से ज़ीरो पर थोड़ा फर्क ज़रूर पड़ सकता है। आइए KGF के ट्रेलर पर डालें नज़र
बाहुबली की तरह दो हिस्सों में होगी फिल्म
जिस तरह बाहुबली और बाहुबली 2 मूवी अलग-अलग रिलीज़ हुई थी। उसी तर्ज पर KGF भी दो भागों में है। 21 दिसंबर को KGF चैप्टर 1 रिलीज़ होगी। यश, श्रीनिधि शेट्टी, राम्या कृष्ण, अनंत नाग, जॉन कोककेन, अच्युथ राव जैसे कलाकाल हैं तो वही इस फिल्म का निर्देशन प्रशांत नील ने किया है।
कलकत्ता हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस की बेंच ने भाजपा की रथ यात्राओं पर रोक लगा दी है। बेंच ने मामला ट्रायल कोर्ट में दोबारा विचार के लिए भेज दिया है। इसके अलावा सिंगल बेंच से कहा कि इस मामले में खुफिया एजेंसियों की जानकारी पर भी विचार किया जाए। गुरुवार को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने ही इन यात्राओं को मंजूरी दी थी। इस फैसले के खिलाफ बंगाल सरकार ने चीफ जस्टिस की बेंच में अपील की थी।
भाजपा ने सिंगल बेंच के फैसले को निरंकुशता के मुंह पर तमाचा बताया था
सिंगल बेंच के फैसले में रथयात्राओं को मंजूरी दिए जाने के बाद भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था- यह फैसला निरंकुशता के मुंह पर तमाचा है।
भाजपा ने बंगाल सरकार द्वारा रथ यात्राओं की अनुमति ना दिए जाने पर हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हालांकि, गुरुवार को सिंगल बेंच के फैसले से पहले भी एक बेंच भाजपा की अपील खारिज कर चुकी थी। रथ यात्रा राज्य के 24 जिलों से गुजरनी है।
राज्य सरकार ने रथ यात्रा की अनुमति संबंधी भाजपा के पत्रों का जवाब नहीं दिया था। इस पर पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई थी। राज्य सरकार ने कोर्ट में तर्क दिया था कि भाजपा की रथ यात्रा से साम्प्रदायिक तनाव फैल सकता है।
शाह की रथ यात्रा के जरिए 40 दिन में 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने की योजना है। यात्रा 7 दिसंबर को कूच बिहार से, 9 दिसंबर को दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप से और 14 दिसंबर को तारापीठ से रवाना करने की योजना थी।
Friday, December 21, 2018
Friday, December 7, 2018
शुरुआती कारोबार में बाजार ने पकड़ी रफ्तार, सेंसेक्स में 120 अंक की बढ़त
गुरुवार को शेयर बाजार में मचे हाहाकार के बाद सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन अच्छी रिकवरी देखने को मिली.शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 120 अंक की बढ़त दर्ज की गई और 35,436 पर कारोबार कर रहा है. वहीं निफ्टी 27 अंक की बढ़त के साथ 10,627 पर कारोबार कर रहा है. शेयर बाजार में तेजी की वजह रुपये में रिकवरी है. बता दें कि गुरुवार को सेंसेक्स 572 अंक टूटा था.
लगातार चार दिन बाजार की ऐसी रही चाल
शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स 572 अंक टूटकर 35312 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 181 अंक लुढ़क कर 10601 के स्तर पर आ गया. इससे पहले बुधवार को भी सेंसेक्स करीब 250 अंक टूटकर 35,884 पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 85 अंक लुढ़ककर 10,784 पर रहा.
भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन भी ठीक नहीं रहा था और सेंसेक्स 107 अंक गिरकर 36,134 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी भी लुढ़ककर 10869 पर आ गया. वहीं सोमवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी का सिलसिला जारी रहा. सोमवार को सेंसेक्स 47 अंक की मामूली बढ़त के साथ 36,241 अंक पर बंद हुआ जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 7 अंक की बढ़त के साथ 10,883.75 अंक पर बंद हुआ था.
रुपये में बढ़त
रुपये की शुरुआत आज बढ़त के साथ हुई है. डॉलर के मुकाबले रुपया आज 34 पैसे की बढ़त के साथ 70.56 के स्तर पर खुला है. हालांकि रुपये में गुरुवार को कमजोरी देखने को मिली थी.डॉलर के मुकाबले रुपया 44 पैसे कमजोर होकर 70.90 के स्तर पर बंद हुआ था.
एचसीएल का सॉफ्टवेयर सर्विस बिजनेस जुलाई-सितंबर तिमाही में 21% इजाफे के साथ 8,711 रुपये रहा. उधर, आईबीएम की सॉफ्टवेयर बिक्री में पिछले कुछ महीनों में गिरावट आई. इससे कंपनी की तिमाही आय पर भी फर्क पड़ा है. आईबीएम भी अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी रेड हैट को 34 अरब डॉलर में खरीद रही है. इसमें रेड हैट का कर्ज भी शामिल है. डील पूरा करने की प्रक्रिया चल रही है.
सलमान खान को अपना सपोर्ट लेते हुए देखकर श्रीसंत भावुक हो जाते हैं. वे रोने लगते हैं और सलमान खान को शुक्रिया अदा करते हैं. प्रोमो देखकर अंदाजा लगता है कि शुक्रवार का एपिसोड धमाकेदार होने वाला है.
दूसरी तरफ, शुक्रवार को बिग बॉस कैप्टन होने के नाते सुरभि को अधिकार देंगे कि वे किन्हीं 3 सदस्यों को कालकोठरी के पात्रों के रुप में चुनें. सुरभि अपना फैसला सुनाते हुए श्रीसंत का नाम देती हैं. इसके बाद श्रीसंत गुस्सा हो जाते हैं और वॉशरूम में खुद को बंद कर लेते हैं.
लगातार चार दिन बाजार की ऐसी रही चाल
शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स 572 अंक टूटकर 35312 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 181 अंक लुढ़क कर 10601 के स्तर पर आ गया. इससे पहले बुधवार को भी सेंसेक्स करीब 250 अंक टूटकर 35,884 पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 85 अंक लुढ़ककर 10,784 पर रहा.
भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन भी ठीक नहीं रहा था और सेंसेक्स 107 अंक गिरकर 36,134 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी भी लुढ़ककर 10869 पर आ गया. वहीं सोमवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी का सिलसिला जारी रहा. सोमवार को सेंसेक्स 47 अंक की मामूली बढ़त के साथ 36,241 अंक पर बंद हुआ जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 7 अंक की बढ़त के साथ 10,883.75 अंक पर बंद हुआ था.
रुपये में बढ़त
रुपये की शुरुआत आज बढ़त के साथ हुई है. डॉलर के मुकाबले रुपया आज 34 पैसे की बढ़त के साथ 70.56 के स्तर पर खुला है. हालांकि रुपये में गुरुवार को कमजोरी देखने को मिली थी.डॉलर के मुकाबले रुपया 44 पैसे कमजोर होकर 70.90 के स्तर पर बंद हुआ था.
एचसीएल का सॉफ्टवेयर सर्विस बिजनेस जुलाई-सितंबर तिमाही में 21% इजाफे के साथ 8,711 रुपये रहा. उधर, आईबीएम की सॉफ्टवेयर बिक्री में पिछले कुछ महीनों में गिरावट आई. इससे कंपनी की तिमाही आय पर भी फर्क पड़ा है. आईबीएम भी अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी रेड हैट को 34 अरब डॉलर में खरीद रही है. इसमें रेड हैट का कर्ज भी शामिल है. डील पूरा करने की प्रक्रिया चल रही है.
सलमान खान को अपना सपोर्ट लेते हुए देखकर श्रीसंत भावुक हो जाते हैं. वे रोने लगते हैं और सलमान खान को शुक्रिया अदा करते हैं. प्रोमो देखकर अंदाजा लगता है कि शुक्रवार का एपिसोड धमाकेदार होने वाला है.
दूसरी तरफ, शुक्रवार को बिग बॉस कैप्टन होने के नाते सुरभि को अधिकार देंगे कि वे किन्हीं 3 सदस्यों को कालकोठरी के पात्रों के रुप में चुनें. सुरभि अपना फैसला सुनाते हुए श्रीसंत का नाम देती हैं. इसके बाद श्रीसंत गुस्सा हो जाते हैं और वॉशरूम में खुद को बंद कर लेते हैं.
Thursday, November 15, 2018
नोटबंदी के बाद रिटर्न नहीं भरने वाले 80 हजार लोगों पर नजर
आयकर विभाग को ऐसे 80,000 लोगों की तलाश है जिन्होंने नोटबंदी के बाद बैंक में बड़ी रकम जमा कराई। लेकिन, नोटिस भेजने के बावजूद आयकर रिटर्न फाइल नहीं किया है। सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने बुधवार को बताया कि 80 लाख ऐसे लोगों की भी पहचान की गई है जिन्होंने पिछले 3 साल के दौरान रिटर्न फाइल किया, लेकिन इस साल अभी तक फाइलिंग नहीं की है। उम्मीद है आने वाले दिनों में ये रिटर्न भरेंगे। इस साल अभी तक 6.02 करोड़ रिटर्न फाइल हुए हैं। इनमें 86 लाख नए टैक्सपेयर हैं। पिछले साल 6.85 करोड़ लोगों ने रिटर्न भरा था।
3 लाख लोगों को नोटिस, इनमें से 2.2 लाख ने ही रिटर्न भरा
सीबीडीटी के चेयरमैन चंद्रा ने कहा कि नोटबंदी से करदाता और आयकर संग्रह दोनों बढ़ाने में मदद मिली है। पैसा अब बैंकों में है इसलिए यह जानना आसान है कि कितने लोगों ने बड़ी रकम जमा कराने के बावजूद रिटर्न नहीं भरा। करीब 3 लाख लोगों को नोटिस भेजा था। इसके बाद 2.2 लाख लोगों ने रिटर्न फाइल किया। बाकी 80,000 के बारे में आयकर विभाग पता लगा रहा है।
रिटर्न में देरी वाले 30 लाख लोगों की भी पहचान
सीबीडीटी के मुताबिक विभाग समय पर रिटर्न नहीं भरने वालों की पहचान भी कर रहा है। इस साल 30 लाख ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिन्हें रिटर्न भरना था। अभी उन्हें मैसेज भेज रहे हैं। जवाब नहीं मिला तो उन्हें नोटिस देंगे।
बजट में तय लक्ष्य से ज्यादा रहेगा कर संग्रह
अभी तक 5 लाख करोड़ रुपए प्रत्यक्ष कर संग्रह हुआ है। बजट में 11.5 लाख करोड़ का लक्ष्य था। वास्तविक कलेक्शन इससे ज्यादा रहने की उम्मीद है। जिन क्षेत्रों में कलेक्शन कम है, वहां जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
टीडीएस काटने वाले समय पर टैक्स भरें
टीडीएस काटने वालों को भी फॉलो किया जा रहा है। उनसे समय पर टैक्स काटने और सरकार के पास जमा कराने संबंधी निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी तरह एडवांस टैक्स पेमेंट करने वालों से भी इस पर बात की जा रही है।
आयकर विभाग के प्रमुख के बयान से मेल नहीं खाते आंकड़े
सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि पिछले साल सरकार के कुल टैक्स कलेक्शन में 52% हिस्सा डायरेक्ट टैक्स और 48% इनडायरेक्ट टैक्स का था। ऐसा कई साल बाद हुआ है जब डायरेक्ट टैक्स, इनडायरेक्ट से ज्यादा रहा हो। पर विभाग के ही आंकड़े बताते हैं कि 2007-08 से 2015-16 तक लगातार डायरेक्ट टैक्स संग्रह इनडायरेक्ट से ज्यादा था। 2009-10 में इसका हिस्सा सबसे ज्यादा 60.78% था।
3 लाख लोगों को नोटिस, इनमें से 2.2 लाख ने ही रिटर्न भरा
सीबीडीटी के चेयरमैन चंद्रा ने कहा कि नोटबंदी से करदाता और आयकर संग्रह दोनों बढ़ाने में मदद मिली है। पैसा अब बैंकों में है इसलिए यह जानना आसान है कि कितने लोगों ने बड़ी रकम जमा कराने के बावजूद रिटर्न नहीं भरा। करीब 3 लाख लोगों को नोटिस भेजा था। इसके बाद 2.2 लाख लोगों ने रिटर्न फाइल किया। बाकी 80,000 के बारे में आयकर विभाग पता लगा रहा है।
रिटर्न में देरी वाले 30 लाख लोगों की भी पहचान
सीबीडीटी के मुताबिक विभाग समय पर रिटर्न नहीं भरने वालों की पहचान भी कर रहा है। इस साल 30 लाख ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिन्हें रिटर्न भरना था। अभी उन्हें मैसेज भेज रहे हैं। जवाब नहीं मिला तो उन्हें नोटिस देंगे।
बजट में तय लक्ष्य से ज्यादा रहेगा कर संग्रह
अभी तक 5 लाख करोड़ रुपए प्रत्यक्ष कर संग्रह हुआ है। बजट में 11.5 लाख करोड़ का लक्ष्य था। वास्तविक कलेक्शन इससे ज्यादा रहने की उम्मीद है। जिन क्षेत्रों में कलेक्शन कम है, वहां जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
टीडीएस काटने वाले समय पर टैक्स भरें
टीडीएस काटने वालों को भी फॉलो किया जा रहा है। उनसे समय पर टैक्स काटने और सरकार के पास जमा कराने संबंधी निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी तरह एडवांस टैक्स पेमेंट करने वालों से भी इस पर बात की जा रही है।
आयकर विभाग के प्रमुख के बयान से मेल नहीं खाते आंकड़े
सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि पिछले साल सरकार के कुल टैक्स कलेक्शन में 52% हिस्सा डायरेक्ट टैक्स और 48% इनडायरेक्ट टैक्स का था। ऐसा कई साल बाद हुआ है जब डायरेक्ट टैक्स, इनडायरेक्ट से ज्यादा रहा हो। पर विभाग के ही आंकड़े बताते हैं कि 2007-08 से 2015-16 तक लगातार डायरेक्ट टैक्स संग्रह इनडायरेक्ट से ज्यादा था। 2009-10 में इसका हिस्सा सबसे ज्यादा 60.78% था।
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